1-Balkand / Sarga 50
Shloka 20
Shloka
वरायुधधरौ वीरौ कस्य पुत्रौ महामुने।भूषयन्ताविमं देशं चन्द्रसूर्याविवाम्बरम् ॥२०॥
Sarga 50 / Shloka 20 Balkand