1-Balkand / Sarga 5
Shloka 6
Shloka
अयोध्या नाम नगरी तत्रासील्लोकविश्रुता ।मनुना मानवेन्द्रेण या पुरी निर्मिता स्वयम् ॥१-५-६॥
Sarga 5 / Shloka 6 Balkand