1-Balkand

Shrimadvalmikiya Ramayan

Sarga 49 / Shloka 4 Balkand

Kand 1-Balkand
Sarga 49
Shloka 4

Balkand

77 Sarga
22 Shloka
1/49/4
1-Balkand / Sarga 49 Shloka 4
Shloka
तन्मां सुरवराः सर्वे सर्षिसङ्घाः सचारणाः।
सुरकार्यकरं यूयं सफलं कर्तुमर्हथ ॥४॥

Bhashya Content For This Shloka

1 Bhashyas
Shrimadvalmikiya Ramayan (Gitapress) - हिन्दी
Meaning

‘(यदि मैं उनकी तपस्यामें विघ्न नहीं डालता तो वे देवताओंका राज्य ही छीन लेते। अत: ऐसा करके) मैंने देवताओंका ही कार्य सिद्ध किया है। इसलिये श्रेष्ठ देवताओ! तुम सब लोग, ऋषिसमुदाय और चारणगण मिलकर मुझे अण्डकोषसे युक्त करनेका प्रयत्न करो’॥ ४॥