1-Balkand / Sarga 44
Shloka 2
Shloka
भस्मन्यथाप्लुते राम गङ्गायाः सलिलेन वै ।सर्वलोकप्रभुर्ब्रह्मा राजानमिदमब्रवीत् ॥१-४४-२॥
Sarga 44 / Shloka 2 Balkand