1-Balkand

Shrimadvalmikiya Ramayan

Sarga 43 / Shloka 41 Balkand

Kand 1-Balkand
Sarga 43
Shloka 41

Balkand

77 Sarga
41 Shloka
1/43/41
1-Balkand / Sarga 43 Shloka 41
Shloka
पितमहान् भस्मकृतानपश्यद् गतचेतनः ।
अथ तद्भस्मनां राशिं गङ्गासलिलमुत्तमम् ।
प्लावयत् पूतपाप्मानः स्वर्गं प्राप्ता रघूत्तम ॥१-४३-४१॥

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Shrimadvalmikiya Ramayan (Gitapress) - हिन्दी
Meaning

रघुकुलके श्रेष्ठ वीर! तदनन्तर गंगाके उस उत्तम जलने सगर-पुत्रोंकी उस भस्मराशिको आप्लावित कर दिया और वे सभी राजकुमार निष्पाप होकर स्वर्गमें पहुँच गये॥ ४१॥

Footnote

इस प्रकार श्रीवाल्मीकिनिर्मित आर्षरामायण आदिकाव्यके बालकाण्डमें तैंतालीसवाँ सर्ग पूरा हुआ॥ ४३॥