1-Balkand / Sarga 43
Shloka 11
Shloka
विससर्ज ततो गङ्गां हरो बिन्दुसरः प्रति ।तस्यां विसृज्यमानायां सप्त स्रोतांसि जज्ञिरे ॥१-४३-११॥
Sarga 43 / Shloka 11 Balkand