1-Balkand

Shrimadvalmikiya Ramayan

Sarga 4 / Shloka 23 Balkand

Kand 1-Balkand
Sarga 4
Shloka 23

Balkand

77 Sarga
36 Shloka
1/4/23
1-Balkand / Sarga 4 Shloka 23
Shloka
ताभ्यां ददौ तदा हृष्टः कुठारमपरो मुनिः ।
काषायमपरो वस्त्रं चीरमन्यो ददौ मुनिः ॥१-४-२३॥

Bhashya Content For This Shloka

1 Bhashyas
Shrimadvalmikiya Ramayan (Gitapress) - हिन्दी
Meaning

एकने कमण्डलु दिया तो दूसरे महामुनिने मुञ्जकी मेखला भेंट की। तीसरेने आसन और चौथेने कौपीन प्रदान किया। किसी अन्य मुनिने हर्षमें भरकर उन दोनों बालकोंके लिये कुठार अर्पित किया। किसीने गेरुआ वस्त्र दिया तो किसी मुनिने चीर भेंट किया॥ २२—२३॥