1-Balkand / Sarga 39
Shloka 4
Shloka
श्रूयतां विस्तरो राम सगरस्य महात्मनः ।शंकरश्वशुरो नाम्ना हिमवानिति विश्रुतः ॥१-३९-४॥
Sarga 39 / Shloka 4 Balkand