1-Balkand / Sarga 39
Shloka 22
Shloka
एवं पर्वतसंबाधं जम्बूद्वीपं नृपात्मजाः ।खनन्तो नृपशार्दूल सर्वतः परिचक्रमुः ॥१-३९-२२॥
Sarga 39 / Shloka 22 Balkand