1-Balkand

Shrimadvalmikiya Ramayan

Sarga 39 / Shloka 11 Balkand

Kand 1-Balkand
Sarga 39
Shloka 11

Balkand

77 Sarga
26 Shloka
1/39/11
1-Balkand / Sarga 39 Shloka 11
Shloka
तत् तथा क्रियतां राजन् यज्ञोच्छिद्रः कृतो भवेत् ।
सोपाध्यायवचः श्रुत्वा तस्मिन् सदसि पार्थिवः ॥१-३९-११॥

Bhashya Content For This Shloka

1 Bhashyas
Shrimadvalmikiya Ramayan (Gitapress) - हिन्दी
Meaning

‘उस यज्ञ-सभामें बैठे हुए राजा सगरने उपाध्यायोंकी बात सुनकर अपने साठ हजार पुत्रोंसे कहा—‘पुरुषप्रवर पुत्रो! यह महान् यज्ञ वेदमन्त्रोंसे पवित्र अन्त:करणवाले महाभाग महात्माओंद्वारा सम्पादित हो रहा है; अत: यहाँ राक्षसोंकी पहुँच हो, ऐसा मुझे नहीं दिखायी देता (अत: यह अश्व चुरानेवाला कोई देवकोटिका पुरुष होगा)॥