1-Balkand / Sarga 35
Shloka 14
Shloka
शैलेन्द्रो हिमवान् राम धातूनामाकरो महान् ।तस्य कन्याद्वयं राम रूपेणाप्रतिमं भुवि ॥१-३५-१४॥
Sarga 35 / Shloka 14 Balkand