1-Balkand / Sarga 34
Shloka 8
Shloka
सशरीरा गता स्वर्गं भर्तारमनुवर्तिनी ।कौशिकी परमोदारा सा प्रवृत्ता महानदी ॥१-३४-८॥
Sarga 34 / Shloka 8 Balkand