1-Balkand / Sarga 34
Shloka 6
Shloka
स पिता मम काकुत्स्थ गाधिः परमधार्मिकः ।कुशवंशप्रसूतोऽस्मि कौशिको रघुनन्दन ॥१-३४-६॥
Sarga 34 / Shloka 6 Balkand