1-Balkand / Sarga 34
Shloka 2
Shloka
इष्ट्यां तु वर्तमानायां कुशनाभं महीपतिम् ।उवाच परमोदारः कुशो ब्रह्मसुतस्तदा ॥१-३४-२॥
Sarga 34 / Shloka 2 Balkand