1-Balkand / Sarga 33
Shloka 9
Shloka
क्षमा यशः क्षमा धर्मः क्षमायां विष्ठितं जगत् ।विसृज्य कन्याः काकुत्स्थ राजा त्रिदशविक्रमः ॥१-३३-९॥
Sarga 33 / Shloka 9 Balkand