1-Balkand / Sarga 32
Shloka 7
Shloka
असूर्तरजसो नाम धर्मारण्यं महीपतिः ।चक्रे पुरवरं राजा वसुनाम गिरिव्रजम् ॥१-३२-७॥
Sarga 32 / Shloka 7 Balkand