1-Balkand

Shrimadvalmikiya Ramayan

Sarga 32 / Shloka 10 Balkand

Kand 1-Balkand
Sarga 32
Shloka 10

Balkand

77 Sarga
26 Shloka
1/32/10
1-Balkand / Sarga 32 Shloka 10
Shloka
सैषा हि मागधी राम वसोस्तस्य महात्मनः ।
पूर्वाभिचरिता राम सुक्षेत्रा सस्यमालिनी ॥१-३२-१०॥

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Shrimadvalmikiya Ramayan (Gitapress) - हिन्दी
Meaning

श्रीराम! इस प्रकार ‘मागधी’ नामसे प्रसिद्ध हुई यह सोन नदी पूर्वोक्त महात्मा वसुसे सम्बन्ध रखती है। रघुनन्दन! यह दक्षिण-पश्चिमसे आकर पूर्वोत्तर दिशाकी ओर प्रवाहित हुई है। इसके दोनों तटोंपर सुन्दर क्षेत्र (उपजाऊ खेत) हैं, अत: यह सदा सस्य-मालाओंसे अलंकृत (हरी-भरी खेतीसे सुशोभित) रहती है॥ १०॥