1-Balkand / Sarga 31
Shloka 19
Shloka
निवर्तयामास ततः स ऋषि सन्घः स पक्षिणः ।ते गत्वा दूरम् अध्वानम् लम्बमाने दिवाकरे ॥१-३१-१९॥
Sarga 31 / Shloka 19 Balkand