1-Balkand

Shrimadvalmikiya Ramayan

Sarga 31 / Shloka 19 Balkand

Kand 1-Balkand
Sarga 31
Shloka 19

Balkand

77 Sarga
25 Shloka
1/31/19
1-Balkand / Sarga 31 Shloka 19
Shloka
निवर्तयामास ततः स ऋषि सन्घः स पक्षिणः ।
ते गत्वा दूरम् अध्वानम् लम्बमाने दिवाकरे ॥१-३१-१९॥

Bhashya Content For This Shloka

1 Bhashyas
Shrimadvalmikiya Ramayan (Gitapress) - हिन्दी
Meaning

कुछ दूर जानेपर ऋषिमण्डलीसहित विश्वामित्रने उन पशु-पक्षियोंको लौटा दिया। फिर दूरतकका मार्ग तै कर लेनेके बाद जब सूर्य अस्ताचलको जाने लगे, तब उन ऋषियोंने पूर्ण सावधान रहकर शोणभद्रके तटपर पड़ाव डाला। जब सूर्यदेव अस्त हो गये, तब स्नान करके उन सबने अग्निहोत्रका कार्य पूर्ण किया॥