1-Balkand

Shrimadvalmikiya Ramayan

Sarga 3 / Shloka 7 Balkand

Kand 1-Balkand
Sarga 3
Shloka 7

Balkand

77 Sarga
39 Shloka
1/3/7
1-Balkand / Sarga 3 Shloka 7
Shloka
तत् सर्वं तत्त्वतो दृष्ट्वा धर्मेण स महामतिः ।
अभिरामस्य रामस्य तत् सर्वं कर्तुमुद्यतः ॥१-३-७॥

Bhashya Content For This Shloka

1 Bhashyas
Shrimadvalmikiya Ramayan (Gitapress) - हिन्दी
Meaning

सबके मनको प्रिय लगनेवाले भगवान् श्रीरामके सम्पूर्ण चरित्रोंका योगधर्म (समाधि) के द्वारा यथार्थरूपसे निरीक्षण करके महाबुद्धिमान् महर्षि वाल्मीकिने उन सबको महाकाव्यका रूप देनेकी चेष्टा की॥ ७॥