1-Balkand

Shrimadvalmikiya Ramayan

Sarga 3 / Shloka 13 Balkand

Kand 1-Balkand
Sarga 3
Shloka 13

Balkand

77 Sarga
39 Shloka
1/3/13
1-Balkand / Sarga 3 Shloka 13
Shloka
विघातं चाभिषेकस्य रामस्य च विवासनम् ।
राज्ञः शोकं विलापं च परलोकस्य चाश्रयम् ॥१-३-१३॥

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Shrimadvalmikiya Ramayan (Gitapress) - हिन्दी
Meaning

श्रीराम-परशुराम-संवाद, दशरथनन्दन श्रीरामके गुण, उनके अभिषेक, कैकेयीकी दुष्टता, श्रीरामके राज्याभिषेकमें विघ्न, उनके वनवास, राजा दशरथके शोक-विलाप और परलोक-गमन, प्रजाओंके विषाद, साथ जानेवाली प्रजाओंको मार्गमें छोड़ने, निषादराज गुहके साथ बात करने तथा सूत सुमन्तको अयोध्या लौटाने आदिका भी इसमें उल्लेख किया॥