1-Balkand

Shrimadvalmikiya Ramayan

Sarga 3 / Shloka 12 Balkand

Kand 1-Balkand
Sarga 3
Shloka 12

Balkand

77 Sarga
39 Shloka
1/3/12
1-Balkand / Sarga 3 Shloka 12
Shloka
रामरामविवादं च गुणान् दाशरथेस्तथा ।
तथाभिषेकं रामस्य कैकेय्या दुष्टभावताम् ॥१-३-१२॥

Bhashya Content For This Shloka

1 Bhashyas
Shrimadvalmikiya Ramayan (Gitapress) - हिन्दी
Meaning

श्रीराम-परशुराम-संवाद, दशरथनन्दन श्रीरामके गुण, उनके अभिषेक, कैकेयीकी दुष्टता, श्रीरामके राज्याभिषेकमें विघ्न, उनके वनवास, राजा दशरथके शोक-विलाप और परलोक-गमन, प्रजाओंके विषाद, साथ जानेवाली प्रजाओंको मार्गमें छोड़ने, निषादराज गुहके साथ बात करने तथा सूत सुमन्तको अयोध्या लौटाने आदिका भी इसमें उल्लेख किया॥