1-Balkand

Shrimadvalmikiya Ramayan

Sarga 29 / Shloka 3 Balkand

Kand 1-Balkand
Sarga 29
Shloka 3

Balkand

77 Sarga
31 Shloka
1/29/3
1-Balkand / Sarga 29 Shloka 3
Shloka
तपश्चरणयोगार्थमुवास सुमहातपाः ।
एष पूर्वाश्रमो राम वामनस्य महात्मनः ॥१-२९-3॥

Bhashya Content For This Shloka

1 Bhashyas
Shrimadvalmikiya Ramayan (Gitapress) - हिन्दी
Meaning

‘महाबाहु श्रीराम! पूर्वकालमें यहाँ देववन्दित भगवान् विष्णुने बहुत वर्षों एवं सौ युगोंतक तपस्याके लिये निवास किया था। उन्होंने यहाँ बहुत बड़ी तपस्या की थी। यह स्थान महात्मा वामनका—वामन अवतार धारण करनेको उद्यत हुए श्रीविष्णुका अवतार ग्रहणसे पूर्व आश्रम था॥ २-३॥