1-Balkand

Shrimadvalmikiya Ramayan

Sarga 29 / Shloka 11 Balkand

Kand 1-Balkand
Sarga 29
Shloka 11

Balkand

77 Sarga
31 Shloka
1/29/11
1-Balkand / Sarga 29 Shloka 11
Shloka
देवीसहायो भगवान् दिव्यं वर्षसहस्रकम् ।
व्रतं समाप्य वरदं तुष्टाव मधुसूदनम् ॥१-२९-११॥

Bhashya Content For This Shloka

1 Bhashyas
Shrimadvalmikiya Ramayan (Gitapress) - हिन्दी
Meaning

श्रीराम! इसी समय अग्निके समान तेजस्वी महर्षि कश्यप धर्मपत्नी अदितिके साथ अपने तेजसे प्रकाशित होते हुए वहाँ आये। वे एक सहस्र दिव्य वर्षोंतक चालू रहनेवाले महान् व्रतको अदितिदेवीके साथ ही समाप्त करके आये थे। उन्होंने वरदायक भगवान् मधुसूदनकी इस प्रकार स्तुति की—॥ १०—११॥