1-Balkand

Shrimadvalmikiya Ramayan

Sarga 29 / Shloka 10 Balkand

Kand 1-Balkand
Sarga 29
Shloka 10

Balkand

77 Sarga
31 Shloka
1/29/10
1-Balkand / Sarga 29 Shloka 10
Shloka
एतस्मिन्नन्तरे राम कश्यपोग्निसमप्रभः ।
अदित्या सहितो राम दीप्यमान इवौजसा ॥१-२९-१०॥

Bhashya Content For This Shloka

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Shrimadvalmikiya Ramayan (Gitapress) - हिन्दी
Meaning

श्रीराम! इसी समय अग्निके समान तेजस्वी महर्षि कश्यप धर्मपत्नी अदितिके साथ अपने तेजसे प्रकाशित होते हुए वहाँ आये। वे एक सहस्र दिव्य वर्षोंतक चालू रहनेवाले महान् व्रतको अदितिदेवीके साथ ही समाप्त करके आये थे। उन्होंने वरदायक भगवान् मधुसूदनकी इस प्रकार स्तुति की—॥ १०—११॥