1-Balkand

Shrimadvalmikiya Ramayan

Sarga 25 / Shloka 7 Balkand

Kand 1-Balkand
Sarga 25
Shloka 7

Balkand

77 Sarga
22 Shloka
1/25/7
1-Balkand / Sarga 25 Shloka 7
Shloka
ददौ नागसहस्रस्य बलं चास्याः पितामहः ।
न त्वेव पुत्रं यक्षाय ददौ चासौ महायशाः ॥१-२५-७॥

Bhashya Content For This Shloka

1 Bhashyas
Shrimadvalmikiya Ramayan (Gitapress) - हिन्दी
Meaning

ब्रह्माजीने ही उस कन्याको एक हजार हाथियोंके समान बल दे दिया; परंतु उन महायशस्वी पितामहने उस यक्षको पुत्र नहीं ही दिया (उसके संकल्पके अनुसार पुत्र प्राप्त हो जानेपर उसके द्वारा जनताका अत्यधिक उत्पीड़न होता, यही सोचकर ब्रह्माजीने पुत्र नहीं दिया)॥ ७॥