1-Balkand

Shrimadvalmikiya Ramayan

Sarga 24 / Shloka 26 Balkand

Kand 1-Balkand
Sarga 24
Shloka 26

Balkand

77 Sarga
32 Shloka
1/24/26
1-Balkand / Sarga 24 Shloka 26
Shloka
बलं नागसहस्रस्य धारयन्ती तदा ह्यभूत् ।
ताटका नाम भद्रं ते भार्या सुन्दस्य धीमतः ॥१-२४-२६॥

Bhashya Content For This Shloka

1 Bhashyas
Shrimadvalmikiya Ramayan (Gitapress) - हिन्दी
Meaning

उसका नाम ताटका है। वह बुद्धिमान् सुन्द नामक दैत्यकी पत्नी है। तुम्हारा कल्याण हो। मारीच नामक राक्षस, जो इन्द्रके समान पराक्रमी है, उस ताटकाका ही पुत्र है। उसकी भुजाएँ गोल, मस्तक बहुत बड़ा, मुँह फैला हुआ और शरीर विशाल है॥ २६-२७॥