1-Balkand / Sarga 24
Shloka 18
Shloka
मलदाश्च करूषाश्च देवनिर्माणनिर्मितौ ।पुरा वृत्रवधे राम मलेन समभिप्लुतम् ॥१-२४-१८॥
Sarga 24 / Shloka 18 Balkand