1-Balkand / Sarga 24
Shloka 15
Shloka
सिंहव्याघ्रवराहैश्च वारणैश्चापि शोभितम् ।धवाश्वकर्णककुभैर्बिल्वतिन्दुकपाटलैः ॥१-२४-१५॥
Sarga 24 / Shloka 15 Balkand