1-Balkand

Shrimadvalmikiya Ramayan

Sarga 22 / Shloka 2 Balkand

Kand 1-Balkand
Sarga 22
Shloka 2

Balkand

77 Sarga
24 Shloka
1/22/2
1-Balkand / Sarga 22 Shloka 2
Shloka
कृतस्वस्त्ययनं मात्रा पित्रा दशरथेन च ।
पुरोधसा वसिष्ठेन मङ्गलैरभिमन्त्रितम् ॥१-२२-२॥

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Shrimadvalmikiya Ramayan (Gitapress) - हिन्दी
Meaning

वसिष्ठके ऐसा कहनेपर राजा दशरथका मुख प्रसन्नतासे खिल उठा। उन्होंने स्वयं ही लक्ष्मणसहित श्रीरामको अपने पास बुलाया। फिर माता कौसल्या, पिता दशरथ और पुरोहित वसिष्ठने स्वस्तिवाचन करनेके पश्चात् उनका यात्रासम्बन्धी मंगलकार्य सम्पन्न किया—श्रीरामको मंगलसूचक मन्त्रोंसे अभिमन्त्रित किया गया॥ १-२॥