1-Balkand

Shrimadvalmikiya Ramayan

Sarga 20 / Shloka 9 Balkand

Kand 1-Balkand
Sarga 20
Shloka 9

Balkand

77 Sarga
28 Shloka
1/20/9
1-Balkand / Sarga 20 Shloka 9
Shloka
जीवितुं मुनिशार्दूल न रामं नेतुमर्हसि ।
यदि वा राघवं ब्रह्मन् नेतुमिच्छसि सुव्रत ॥१-२०-९॥

Bhashya Content For This Shloka

1 Bhashyas
Shrimadvalmikiya Ramayan (Gitapress) - हिन्दी
Meaning

अत: यह राक्षसोंसे युद्ध करने योग्य नहीं है; क्योंकि राक्षस मायासे—छल-कपटसे युद्ध करते हैं। इसके सिवा रामसे वियोग हो जानेपर मैं दो घड़ी भी जीवित नहीं रह सकता; मुनिश्रेष्ठ! इसलिये आप मेरे रामको न ले जाइये। अथवा ब्रह्मन्! यदि आपकी इच्छा रामको ही ले जानेकी हो तो चतुरङ्गिणी सेनाके साथ मैं भी चलता हूँ। मेरे साथ इसे ले चलिये॥ ८-९॥