1-Balkand / Sarga 20
Shloka 9
Shloka
जीवितुं मुनिशार्दूल न रामं नेतुमर्हसि ।यदि वा राघवं ब्रह्मन् नेतुमिच्छसि सुव्रत ॥१-२०-९॥
Sarga 20 / Shloka 9 Balkand