1-Balkand

Shrimadvalmikiya Ramayan

Sarga 20 / Shloka 8 Balkand

Kand 1-Balkand
Sarga 20
Shloka 8

Balkand

77 Sarga
28 Shloka
1/20/8
1-Balkand / Sarga 20 Shloka 8
Shloka
न चासौ रक्षसां योग्यः कूटयुद्धा हि राक्षसाः ।
विप्रयुक्तो हि रामेण मुहूर्तमपि नोत्सहे ॥१-२०-८॥

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Shrimadvalmikiya Ramayan (Gitapress) - हिन्दी
Meaning

अत: यह राक्षसोंसे युद्ध करने योग्य नहीं है; क्योंकि राक्षस मायासे—छल-कपटसे युद्ध करते हैं। इसके सिवा रामसे वियोग हो जानेपर मैं दो घड़ी भी जीवित नहीं रह सकता; मुनिश्रेष्ठ! इसलिये आप मेरे रामको न ले जाइये। अथवा ब्रह्मन्! यदि आपकी इच्छा रामको ही ले जानेकी हो तो चतुरङ्गिणी सेनाके साथ मैं भी चलता हूँ। मेरे साथ इसे ले चलिये॥८-९॥