1-Balkand

Shrimadvalmikiya Ramayan

Sarga 20 / Shloka 25 Balkand

Kand 1-Balkand
Sarga 20
Shloka 25

Balkand

77 Sarga
28 Shloka
1/20/25
1-Balkand / Sarga 20 Shloka 25
Shloka
बालं मे तनयं ब्रह्मन् नैव दास्यामि पुत्रकम् ।
अथ कालोपमौ युद्धे सुतौ सुन्दोपसुन्दयोः ॥१-२०-२५॥

Bhashya Content For This Shloka

1 Bhashyas
Shrimadvalmikiya Ramayan (Gitapress) - हिन्दी
Meaning

‘मारीच और सुबाहु सुप्रसिद्ध दैत्य सुन्द और उपसुन्दके पुत्र हैं। वे दोनों युद्धमें यमराजके समान हैं। यदि वे ही आपके यज्ञमें विघ्न डालनेवाले हैं तो मैं उनका सामना करनेके लिये अपने पुत्रको नहीं दूँगा; क्योंकि वे दोनों प्रबल पराक्रमी और युद्धविषयक उत्तम शिक्षासे सम्पन्न हैं॥ २५-२६॥