1-Balkand / Sarga 20
Shloka 24
Shloka
सबलो वा मुनिश्रेष्ठ सहितो वा ममात्मजैः ।कथमप्यमरप्रख्यं संग्रामाणामकोविदम् ॥१-२०-२४॥
Sarga 20 / Shloka 24 Balkand