1-Balkand / Sarga 19
Shloka 7
Shloka
कृतश्रमो निरुत्साहस्तस्माद् देशादपाक्रमे ।न च मे क्रोधमुत्स्रष्टुं बुद्धिर्भवति पार्थिव ॥१-१९-७॥
Sarga 19 / Shloka 7 Balkand