1-Balkand / Sarga 18
Shloka 5
Shloka
गतेषु पृथिवीशेषु राजा दशरथः पुनः ।प्रविवेश पुरीं श्रीमान् पुरस्कृत्य द्विजोत्तमान् ॥१-१८-५॥
Sarga 18 / Shloka 5 Balkand