1-Balkand / Sarga 18
Shloka 36
Shloka
पिता दशरथो हृष्टो ब्रह्मा लोकाधिपो यथा ।ते चापि मनुजव्याघ्रा वैदिकाध्ययने रताः ॥१-१८-३६॥
Sarga 18 / Shloka 36 Balkand