1-Balkand

Shrimadvalmikiya Ramayan

Sarga 18 / Shloka 21 Balkand

Kand 1-Balkand
Sarga 18
Shloka 21

Balkand

77 Sarga
59 Shloka
1/18/21
1-Balkand / Sarga 18 Shloka 21
Shloka
अतीत्यैकादशाहं तु नामकर्म तथाकरोत् ।
ज्येष्ठं रामं महात्मानं भरतं कैकयीसुतम् ॥१-१८-२१॥

Bhashya Content For This Shloka

1 Bhashyas
Shrimadvalmikiya Ramayan (Gitapress) - हिन्दी
Meaning

ग्यारह दिन बीतनेपर महाराजने बालकोंका नामकरण-संस्कार किया। उस समय महर्षि वसिष्ठने प्रसन्नताके साथ सबके नाम रखे। उन्होंने ज्येष्ठ पुत्रका नाम ‘राम’ रखा। श्रीराम महात्मा (परमात्मा) थे। कैकेयीकुमारका नाम भरत तथा सुमित्राके एक पुत्रका नाम लक्ष्मण और दूसरेका शत्रुघ्न निश्चित किया॥ २१-२२॥