1-Balkand / Sarga 14
Shloka 30
Shloka
नियुक्तास्तत्र पशवस्तत्तदुद्दिश्य दैवतम् ।उरगाः पक्षिणश्चैव यथाशास्त्रं प्रचोदिताः ॥१-१४-३०॥
Sarga 14 / Shloka 30 Balkand