1-Balkand

Shrimadvalmikiya Ramayan

Sarga 13 / Shloka 28 Balkand

Kand 1-Balkand
Sarga 13
Shloka 28

Balkand

77 Sarga
41 Shloka
1/13/28
1-Balkand / Sarga 13 Shloka 28
Shloka
दाक्षिणात्यान् नरेन्द्रांश्च समस्तानानयस्व ह ।
सन्ति स्निग्धाश्च ये चान्ये राजानः पृथिवीतले ॥१-१३-२८॥

Bhashya Content For This Shloka

1 Bhashyas
Shrimadvalmikiya Ramayan (Gitapress) - हिन्दी
Meaning

‘दक्षिण भारतके समस्त नरेशोंको भी आमन्त्रित करो। इस भूतलपर और भी जो-जो नरेश महाराजके प्रति स्नेह रखते हैं, उन सबको सेवकों और सगे-सम्बन्धियोंसहित यथासम्भव शीघ्र बुला लो। महाराजकी आज्ञासे बड़भागी दूतोंद्वारा इन सबके पास बुलावा भेज दो’॥ २८-२९॥