1-Balkand / Sarga 13
Shloka 21
Shloka
समानयस्व सत्कृत्य सर्वदेशेषु मानवान् ।मिथिलाधिपतिं शूरं जनकं सत्यवादिनम् ॥१-१३-२१॥
Sarga 13 / Shloka 21 Balkand