1-Balkand

Shrimadvalmikiya Ramayan

Sarga 13 / Shloka 16 Balkand

Kand 1-Balkand
Sarga 13
Shloka 16

Balkand

77 Sarga
41 Shloka
1/13/16
1-Balkand / Sarga 13 Shloka 16
Shloka
तेषामपि विशेषेण पूजा कार्या यथाक्रमम् ।
ये स्युः सम्पूजिताः सर्वे वसुभिर्भोजनेन च ॥१-१३-१६॥

Bhashya Content For This Shloka

1 Bhashyas
Shrimadvalmikiya Ramayan (Gitapress) - हिन्दी
Meaning

‘जो सेवक या कारीगर धन और भोजन आदिके द्वारा सम्मानित किये जाते हैं, वे सब परिश्रमपूर्वक कार्य करते हैं। उनका किया हुआ सारा कार्य सुन्दर ढंगसे सम्पन्न होता है। उनका कोई काम बिगड़ने नहीं पाता; अत: तुम सब लोग प्रसन्नचित्त होकर ऐसा ही करो’॥