1-Balkand / Sarga 13
Shloka 15
Shloka
न चावज्ञा प्रयोक्तव्या कामक्रोधवशादपि ।यज्ञकर्मसु ये व्यग्राः पुरुषाः शिल्पिनस्तथा ॥१-१३-१५॥
Sarga 13 / Shloka 15 Balkand