1-Balkand

Shrimadvalmikiya Ramayan

Sarga 12 / Shloka 11 Balkand

Kand 1-Balkand
Sarga 12
Shloka 11

Balkand

77 Sarga
22 Shloka
1/12/11
1-Balkand / Sarga 12 Shloka 11
Shloka
वसिष्ठप्रमुखाः सर्वे पार्थिवस्य मुखाच्च्युतम् ।
ऋष्यशृङ्गपुरोगाश्च प्रत्यूचुर्नृपतिं तदा ॥१-१२-११॥

Bhashya Content For This Shloka

1 Bhashyas
Shrimadvalmikiya Ramayan (Gitapress) - हिन्दी
Meaning

इसके बाद ऋष्यशृंग आदि सब महर्षियोंने उस समय राजा दशरथसे पुन: यह बात कही—‘महाराज! यज्ञसामग्रीका संग्रह किया जाय, यज्ञसम्बन्धी अश्व छोड़ा जाय तथा सरयूके उत्तर तटपर यज्ञभूमिका निर्माण किया जाय॥ ११-१२॥