1-Balkand

Shrimadvalmikiya Ramayan

Sarga 11 / Shloka 28 Balkand

Kand 1-Balkand
Sarga 11
Shloka 28

Balkand

77 Sarga
31 Shloka
1/11/28
1-Balkand / Sarga 11 Shloka 28
Shloka
प्रवेश्यमानं सत्कृत्य नरेन्द्रेणेन्द्रकर्मणा ।
यथा दिवि सुरेन्द्रेण सहस्राक्षेण काश्यपम् ॥१-११-२८॥

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Shrimadvalmikiya Ramayan (Gitapress) - हिन्दी
Meaning

उन द्विजकुमारका दर्शन करके सभी नगरनिवासी बहुत प्रसन्न हुए। उन्होंने इन्द्रके समान पराक्रमी नरेन्द्र दशरथके साथ पुरीमें प्रवेश करते हुए ऋष्यशृंगका उसी प्रकार सत्कार किया, जैसे देवताओंने स्वर्गमें सहस्राक्ष इन्द्रके साथ प्रवेश करते हुए कश्यपनन्दन वामनजीका समादर किया था॥ २७-२८॥