1-Balkand

Shrimadvalmikiya Ramayan

Sarga 11 / Shloka 21 Balkand

Kand 1-Balkand
Sarga 11
Shloka 21

Balkand

77 Sarga
31 Shloka
1/11/21
1-Balkand / Sarga 11 Shloka 21
Shloka
उवाच वचनं विप्रं गच्छ त्वं सह भार्यया ।
ऋषिपुत्रः प्रतिश्रुत्य तथेत्याह नृपं तदा ॥१-११-२१॥

Bhashya Content For This Shloka

1 Bhashyas
Shrimadvalmikiya Ramayan (Gitapress) - हिन्दी
Meaning

राजा रोमपादने ‘बहुत अच्छा’ कहकर उन बुद्धिमान् महर्षिका जाना स्वीकार कर लिया और ऋष्यशृंगसे कहा— ‘विप्रवर! आप शान्ताके साथ महाराज दशरथके यहाँ जाइये।’ राजाकी आज्ञा पाकर उन ऋषिपुत्रने ‘तथास्तु’ कहकर राजा दशरथको अपने चलनेकी स्वीकृति दे दी॥ २०-२१॥