1-Balkand / Sarga 11
Shloka 17
Shloka
सखित्वात्तस्य वै राज्ञः प्रहृष्टेनान्तरात्मना ।रोमपादेन चाख्यातमृषिपुत्राय धीमते ॥१-११-१७॥
Sarga 11 / Shloka 17 Balkand