Shrimadbhagavadgita (Geetapress) Shrimad Bhagavadgita / 13/3

13/3
Shloka
तत्क्षेत्रं यच्च यादृक्च यद्विकारि यतश्च यत्।
स च यो यत्प्रभावश्च तत्समासेन मे शृणु॥१३-३॥
Shloka Pad
तत् क्षेत्रम् यत् च यादृक् च यत् विकारि यतः च यत्।
सः च यः यत् प्रभावः च तत् समासेन मे शृणु॥१३-३॥

Shrimadbhagavadgita (Geetapress)

हिन्दी
Shrimadbhagavadgita (Geetapress) - हिन्दी
Meaning

वह क्षेत्र जो और जैसा है तथा जिन विकारों वाला है, और जिस कारण से जो हुआ है; तथा वह क्षेत्रज्ञ भी जो और जिस प्रभाव वाला है - वह सब संक्षेप में मुझसे सुन॥ ३॥