Adhyay 9

Manusmriti

Shloka 281 Chapter Nine

Adhyay 9
Shloka 281

Chapter Nine

Subject: राजधर्मान्तर्गत व्यवहार - निर्णय

336 Shloka
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Adhyay 9 Shloka 281
Shloka
यस्तु पूर्वनिविष्टस्य तडागस्योदकं हरेत्। आगमं वाप्यपां भिन्द्यात्स दाप्यः पूर्वसाहसम्॥

Bhashya

Meaning
(यः तु) जो व्यक्ति (पूर्वनिविष्टस्य तडागस्य) किसी के द्वारा पहले बनाये गये तालाब का (उदकं हरेत्) पानी चुराले (वा) अथवा (अपाम् + आम भिद्यात्) जल आने का रास्ता तोड़दे (सः सर्वसाहसं दाप्य:) उसे 'पूर्वसाहस' [८ | १३८] का दण्ड दे ॥२८१॥