Adhyay 8

Manusmriti

Shloka 288 Chapter Eight

Adhyay 8
Shloka 288

Chapter Eight

Subject: राजधर्मान्तर्गत व्यवहार - निर्णय

420 Shloka
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Adhyay 8 Shloka 288
Shloka
द्रव्याणि हिंस्याद्यो यस्य ज्ञानतोऽज्ञानतोऽपि वा। स तस्योत्पादयेत्तुष्टिं राज्ञे दद्याच्च तत्समम्॥

Bhashya

Meaning
(यः) जो कोई (यस्य) जिस किसी के (ज्ञानतः अपि वा अज्ञानतः) जानकर अथवा अनजाने में (द्रव्याणि हिंस्यात्) वस्तुओं को नष्ट कर दे तो (सः) वह अपराधी (तस्य तुष्टिम् + उत्पादयेत्) उसके मालिक को वस्तु या धन आदि देकर संतुष्ट करे (च) तथा (तत् समम् राज्ञे दद्यात्) उसके बराबर दण्ड रूप में राजा को भी दे॥२८८॥