Adhyay 6

Manusmriti

Shloka 67 Chapter Six

Adhyay 6
Shloka 67

Chapter Six

Subject: वानप्रस्थ - सन्यासधर्म विषय

97 Shloka
6/67
Adhyay 6 Shloka 67
Shloka
फलं कतकवृक्षस्य यद्यप्यम्बुप्रसादकम्। न नामग्रहणादेव तस्य वारि प्रसीदति॥

Bhashya

Meaning
(यद्यपि कृतकवृक्षस्य फलम्) यद्यपि निर्मली वृक्ष का फल (अम्बुप्रसादकम्) पीस के गदले जल में डालने से जल का शोधक होता है तदपि (तस्य नामग्रहणात् एव) बिना डाले उसके नाम कथन वा श्रवणमात्र से (वारि न प्रसीदति) उसका जल शुद्ध नहीं हो सकता ॥६७॥